Friday, October 26, 2012

बचपन से लेकर अभी तक मैंने जीवन में बहुत सी दुश्वारिया देखी है, पर मैंने जीवन में हार नहीं मानी है, दुनिया में बहुत से लोग है जिन्होंने हिम्मत के साथ अपनी लड़ाई लड़ी और मुकाम हासिल किया, यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि मेरी बिटिया आंचल के
 भविष्य की है, मैंने जीवन के ह़र मोड़ पर धोखा खाया, पर अपनी आंचल के लिए कुछ भी करुँगी, यह सोचकर मैंने  अपना ब्लॉग बनाया है जिसमे  अपने जीवन की ह़र सच्चाई को बयां करुँगी, साथ ही देश के सभी समाजसेवियों, राजनीतिज्ञों और मीडिया वालो तक अपनी बात पंहुचाउंगी, मुझे और मेरी बेटी को जान से मरने की धमकी मिल रही है, मुकदमा वापस लेने के लिए डराया जा रहा है, पर अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाउंगी , ताकि उन सभी बहनों को हिम्मत मिल सके जो स्वार्थी इंसानों की बातो में फंसकर अपना सबकुछ गवा बैठती है, ऐसी बहनों को जागरूक करना मेरा प्रयास रहेगा और मुझे आप सबकी मदद चाहिए. आपसे उम्मीद है की अप लोग मेरा हौसला बुलंद करेंगे. यदि इस बीच मेरी हत्या होती है या किसी हादसे में मेरी मौत होती है तो उसके जिम्मेदार मेरी ससुराल के लोग होंगे.. मेरी मौत के बाद यह लड़ाई क्या आप लड़ेंगे.

3 comments:

Surendera M. Bhanot said...

RTIFED will extend full support to the people who are the victim of the system and who are fighting against the system for their rights.

dimple misra said...

thanks sir

Ashok Sharma said...

अन्याय के खिलाफ लड़ाई में हम आपके साथ हैं। हिम्मत और हौसले के साथ आगे बढ़ें